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Bahrain joins UAE in normalizing ties with Israel, making him just fourth country to do this | बहरीन भी चला यूएई की राह, इजरायल के साथ समझौता करने वाला बना चौथा अरब देश

येरूसलम: यूएई के बाद इसराइल और बहरीन अपने संबंधों को पूरी तरह से सामान्य बनाने के लिए एक ऐतिहासिक समझौते करने पर सहमत हुए हैं. इस बात की घोषणा अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की. पिछले महीने ही संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई भी इसराइल के साथ अपने रिश्ते सामान्य करने पर सहमत हुआ था. इसे मिडिल ईस्ट में तनाव कम करने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण समझौता माना जा रहा है.

डोनाल्ड ट्रंप ने की बहरीन-़इजरायल समझौते की घोषणा
इस बारे में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट करके जानकारी दी. उन्होंने बताया कि उनकी बहरीन के शाह हमद बिन इसा अल खलीफा (Hamad bin Isa Al Khalifa) और इजरायल के प्रधानमंत्री बेन्जाइल नेतन्याहू (Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu) से फोन पर बातचीत हुई. उन्होंने लिखा, ‘आज का दिन एक और ऐतिहासिक दिन है. हमारे दो महान मित्र इजराइल और बहरीन के बीच शांति समझौता हुआ है. 30 दिनों के अंदर इसराइल के साथ शांति समझौता करने वाला दूसरा अरब देश. ‘

Another HISTORIC breakthrough today! Our two GREAT friends Israel and the Kingdom of Bahrain agree to a Peace Deal – the second Arab country to make peace with Israel in 30 days!

– Donald J. Trump (@realDonaldTrump) September 11, 2020

संयुक्त बयान जारी
तीनों नेताओं की ओर से जारी किए गए बयान का मुताबिक अब ‘इजरायल और बहरीन के बीच पूर्ण राजनयिक संबंध बहाल’ हो चुके हैं. बयान के मुताबिक, ‘ये मिडिल ईस्ट में शांति बहाली की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण कदम है. दोनों देशों के बीच सीधे आर्थिक और सामाजिक संबंध बहाल होने से मिडिल ईस्ट में स्थायित्व, सुरक्षा और क्षेत्र के विकास में तेजी आएगी. ‘

यूएई-इजरायल डील के समय ट्रंप ने बहरीन को दिया था ऑफर
इस बयान के मुताबिक बहरीन ने उस न्यौते को स्वीकार किया है, जो इजरायल-यूएई की बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर के समय ट्रंप ने उसे दिया था. इसके मुताबिक अब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुल्लातिफ अल जयानी ‘ऐतिहासिक शांति समझौते’ पर हस्ताक्षर करेंगे.

सऊदी अरब अब भी इजरायल के साथ नहीं करेगा समझौता, रखी है शर्त
सऊदी अरब के शासक किंग अब्दुल्ला ने इस महीने की शुरूआत में कहा था कि इजरायल के साथ सऊदी अरब का कोई समझौता तब तक नहीं हो सकता, जबतक कि फिलिस्तीनी लोगों को न्याय नहीं मिलता. सऊदी अरब अपने द्वारा प्रस्तावित साल 2002 के समझौते के लागू होने के बाद ही ऐसा कोई कदम उठाएगा. हालांकि पिछले महीने पहली बार उसने अपने हवाई क्षेत्र से किसी इजरायली विमान को गुजरने की इजाजत दी थी.

सऊदी अरब का नजदीकी है बहरीन
बहरीन छोटा देश है और सऊदी अरब का बेहद नजदीकी भी. सऊदी अरब बहरीन की लगातार मदद भी करता रहा है. हालांकि इजरायल के साथ समझौता करने वाला वो महज चौथा अरब देश है. इससे पहले मिश्र, जॉर्डन और यूएई ने इजरायल के साथ समझौता करके उसे मान्यता दी थी.

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